पैप स्मीयर टेस्ट क्या है, खर्च, कब, क्यों, कैसे होता है

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पैप स्मीयर टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है? – What do the outcomes of Pap Smear check imply in Hindi

पैप स्मीयर टेस्ट के रिजल्ट का क्या मतलब होता है?

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एक पैप स्मीयर टेस्ट डॉक्टर को उन संदिग्ध कोशिकाओं की उपस्थिति का संकेत देता है, जिनको आगे जांच करने की आवश्यकता होती है।

सामान्य रिजल्ट –

अगर पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान सभी कोशिकाएं सामान्य मिलती हैं, तो उसको “नेगेटिव” रिजल्ट बताया जाता है। इसके बाद आपको अगले पैप स्मीयर टेस्ट या पेल्विक परीक्षण तक अन्य टेस्टिंग करवाने की जरूरत नहीं होती है।

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असामान्य रिजल्ट –

अगर पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान असामान्य या असाधारण कोशिकाएं मिलती हैं, तो उसको “पॉजिटिव” रिजल्ट कहा जाता है। पॉजिटिव रिजल्ट का मतलब, टेस्ट के दौरान पाई गई कोशिकाओं के प्रकार पर निर्भर करता है।

अगर टेस्ट का रिजल्ट असामान्य आता है, तो इसका मतलब जरूरी नहीं की आपको कैंसर है। सामान्य तौर पर इसका मतलब होता है कि गर्भाशय ग्रीवा में कुछ असामान्य कोशिकाएं हैं, जिनमें से कुछ पूर्व कैंसर (जो बाद में कैंसर के रूप में विकसित हो सकती है) हो सकती हैं। असामान्य कोशिकाओं के कई स्तर हो सकते हैं:

  • एटीपा (Atypia)
  • सौम्य (Delicate)
  • मध्यम (Average)
  • गंभीर डिस्पलेज़िया (extreme dysplasia)
  • कैंसर की स्थिति (carcinoma in situ)

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गंभीर असामान्यताओं की मुकाबले कम असामान्य कोशिकाएं अधिक आम होती है।

यदि आपके पैप स्मीयर रिजल्ट असामान्य होता है, तो डॉक्टर कॉलपोस्कोपी नामक एक प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं। इस प्रक्रिया में कोलपोस्कोप (Colposcope) नामक एक खास उपकरण का इस्तेमाल गर्भाशय ग्रीवा, योनि और वुल्वा (Vulva) के ऊतकों की जांच करने के लिए किया जाता है।

डॉक्टरों को जो भी क्षेत्र असामान्य लगते हैं, वो वहां से ऊतकों के सैंपल ले लेते हैं (बायोप्सी प्रक्रिया से), उसके बाद सैंपल को विश्लेषण और एक निश्चित परीक्षण के लिए लेबोरेटरी में भेजा जाता है।

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