कौडल रिग्रेशन सिंड्रोम के लक्षण, कारण, इलाज, दवा, उपचार

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कौडल रिग्रेशन सिंड्रोम एक दुर्लभ जन्मजात विकार है। यह अनुमानित है कि प्रत्येक 100,000 नवजात शिशुओं में 1 से 3 को य​ह समस्या होती है। यह तब होता है जब जन्म से पहले निचली रीढ़ दुम वा​ला हिस्सा” का पूरी तरह से विकास नहीं हो पाता है। इस सिंड्रोम की वजह से जिन हिस्सों पर प्रभाव पड़ता है उनमें पीठ का निचला हिस्सा और लिंब (शरीर का बड़ा हिस्सा जैसे किसी व्यक्ति या जानवर में उसके हाथ पैर या किसी पक्षी में उसका पंख), जननांग पथ और जठरांत्र संबंधी मार्ग शामिल है।

इस स्थिति को कभी-कभी ‘सैक्रल एजीनिसिस’ कहा जाता है, क्योंकि इसमें त्रिकास्थि (त्रिभुज के आकार की हड्डी जो श्रोणि से रीढ़ को जोड़ती है) या तो आंशिक रूप से विकसित होती है या बिल्कुल भी विकसित नहीं होती है।

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(और पढ़ें – रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन)



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