कब्ज से जुड़े मिथक – Constipation myths and facts in Hindi

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खराब खान-पान, तनाव, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और फाइबर की कमी होने पर व्यक्ति को कब्ज बन सकती है. आपको बता दें कि अपने जीवन के किसी-न-किसी पड़ाव पर प्रत्येक व्यक्ति को कब्ज का सामना करना पड़ता है. एक अनुमान के अनुसार, दुनियाभर में 15 प्रतिशत लोग क्रोनिक कब्ज के साथ जी रहे हैं. कब्ज बनने पर आपको सूजन, ऐंठन और पेट में दर्द जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है. कब्ज पेट से जुड़ी एक समस्या होती है, जिसमें व्यक्ति को मल त्याग करने में दिक्कत होती है. कब्ज बनने पर मल सख्त व कठोर बन सकता है. इसकी वजह से व्यक्ति को मल त्याग के दौरान तेज दर्द का अहसास हो सकता है. कब्ज आजकल की सामान्य समस्या बन गई है. इसलिए, कब्ज को लेकर लोगों के बीच कई तरह की अफवाहें या मिथ फैल चुके हैं.

आज इस लेख में आप कब्ज से जुड़े मिथकों की सच्चाई के बारे में विस्तार से जानेंगे –

(और पढ़ें – कब्ज के घरेलू उपाय)

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